वेद सरिता - Ved Sarita
वेद सर्वज्ञ प्रभु द्वारा प्रदत्त ज्ञान है। चरों वेद सार्व्लोकिक सिध्दांतों से परिपूर्ण होने के कारण
मनुष्यमात्र और समस्त संसार के लिये कल्याणकारक है। यथार्थ में परमपिता परमात्मा ने संसार की भलाई के लिये सृष्टि के आदि में अपने अटल नियमों को चारों वेदों के द्वारा प्रकाशित किया। चारों वेद एक तो सांसारिक व्यवहारों का उपदेश करते है। इन्हे त्रयी - विद्या अर्थात तीनों विद्धाओं का भंडार कहते है। जिनका अर्थ परमेश्वर के कर्म, उपासना, और ज्ञान से संसार के साथ उपकार कारना है। इस प्रकार वेद संपूर्ण ज्ञान का भंडार है।
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Saturday, August 29, 2009
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